दैनिक समाचार प्रसारण – 2 सितंबर, 2026
खबरों के अनुसार, अमेरिकी CIA [केंद्रीय खुफिया एजेंसी] के निदेशक जॉन रैटक्लिफ ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेनी (यरेनी) राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की के बीच त्रिपक्षीय बैठक का प्रस्ताव इस सप्ताह की शुरुआत में मॉस्को [रूस] की एक गुप्त यात्रा के दौरान रखा। यह प्रस्ताव शांति वार्ता फिर शुरू कराने के अमेरिकी प्रयास का हिस्सा है (Axios)
29 अगस्त को रूसी हमलों से यूक्रेन (यरेन) के मिकोलेव क्षेत्र की ऊर्जा अवसंरचना क्षतिग्रस्त हुई, जिससे 3,00,000 से अधिक लोग बिजली से वंचित हो गए। अधिकारियों के अनुसार, शाहेद ड्रोन, क्रूज़ मिसाइलों और एक इस्कंदर-एम बैलिस्टिक मिसाइल ने मिकोलेव और आसपास की ऊर्जा सुविधाओं को निशाना बनाया, अन्य इमारतें भी क्षतिग्रस्त हुईं, लेकिन किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है (UNN)
स्वीडन निगरानी मजबूत करने और आवश्यकता पड़ने पर फ़िनलैंड की रक्षा में सहायता के लिए कम से कम 2026 के अंत तक वहां ग्रिपेन लड़ाकू विमान और सैन्य कॉर्वेट [तेज़ युद्धपोत] तैनात कर रहा है। फ़िनलैंड की रूस से 1,340 किलोमीटर लंबी सीमा लगती है, अधिकारियों के अनुसार, बिगड़ती सुरक्षा स्थिति और रूस के निकट नाटो [उत्तर अटलांटिक संधि संगठन] देशों के हवाई क्षेत्र में सैन्य ड्रोन घुसने की चिंताओं के बीच यह तैनाती की जा रही है (United24 Media)
जर्मनी के गृह मंत्री अलेक्ज़ांडर डोब्रिंट ने 28अगस्त को बताया कि बाल्टिक सागर के देश सूचनाओं का तेज़ आदान-प्रदान और मिश्रित खतरों से निपटने की क्षमता बेहतर करने के लिए संयुक्त ड्रोन-रोधी कार्यबल बनाएंगे। यह कदम ड्रोन घटनाओं तथा बाल्टिक क्षेत्र में समुद्र के नीचे बिछी केबलों और ऊर्जा अवसंरचना में संदिग्ध तोड़फोड़ को लेकर बढ़ती चिंता के बाद उठाया गया है (Reuters)
लंदन का वॉटरलू स्टेशन नियमित गश्त में श्वान-साथियों को तैनात करने वाला ब्रिटेन का पहला प्रमुख रेल केंद्र बन गया है, तीन महीने के परीक्षण के लिए तीन श्वान तैनात किए गए हैं। इन श्वान-साथियों का उद्देश्य यात्रियों को आश्वस्त करना और सुरक्षा का प्रत्यक्ष निवारक बनना है, हालांकि अधिकारियों के अनुसार यह परीक्षण किसी ए बढ़े हुखतरे से जुड़ा नहीं है। यह कार्यक्रम स्टेशन के व्यापक सुरक्षा उपायों का हिस्सा है, जिनमें उन्नत CCTV [क्लोज़्ड-सर्किट टेलीविज़न] और अधिक प्रत्यक्ष सुरक्षा कर्मी शामिल हैं (Good News Network)
क्यूबा का गहराता आर्थिक संकट बेसहारा पशु-जनों के बचाव समूहों पर दबाव बढ़ा रहा है, जो पानी, बिजली, भोजन, दवाओं और टीकों की कमी से जूझ रहे हैं। बचाव केंद्रों और पशु चिकित्सकों के अनुसार, पर्यटन में गिरावट से आंशिक रूप से जुड़ी बढ़ती कीमतों और घटते दान के कारण ज़रूरतमंद पशु-जनों को भोजन, उपचार और टीके देना लगातार कठिन होता जा रहा है (Reuters)
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के अनुसार, पिछले दो वर्षों में दुनियाभर में स्कूलों, विद्यार्थियों और शिक्षकों पर 8,500 से अधिक हमले हुए, जिनसे मौतें, अपहरण और मानसिक आघात हुए। 9 सितंबर को मनाए जाने वाले ‘शिक्षा को हमलों से बचाने के अंतरराष्ट्रीय दिवस’ के संदेश में उन्होंने देशों और संघर्षरत पक्षों से स्कूलों की रक्षा करने, अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करने, अपराधियों को जवाबदेह ठहराने और संवेदनशील बच्चों के लिए शिक्षा प्रणालियां मजबूत करने का आग्रह किया (United Nations)
उज़्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शवकत मिर्ज़ियोयेव ने जेल की सज़ा काट रहे 852 लोगों को यह कहते हुए क्षमा कर दिया कि उन्होंने सच्चा पश्चात्ताप और सुधार के प्रति प्रतिबद्धता दिखाई है। क्षमादान पाने वालों में से 604 को पूरी तरह रिहा किया जाएगा, जबकि अन्य को सशर्त रिहाई, कम अवधि की सज़ा या हल्का दंड मिलेगा (Kun.uz)
यूएई [संयुक्त अरब अमीरात] सहायता एजेंसी और यूएई अंतरिक्ष एजेंसी ने उपग्रह डेटा तथा अन्य अंतरिक्ष-आधारित साधनों से पश्चिम अफ्रीका में आपदा तैयारी और कार्रवाई मजबूत करने के लिए साझेदारी शुरू की है। लगभग 30 आपदा-प्रबंधन विशेषज्ञों को पृथ्वी अवलोकन, भौगोलिक सूचना प्रणालियों और उपग्रह-मानचित्रण उपकरणों का प्रशिक्षण मिलेगा, ताकि अधिकारी आपात स्थितियों में क्षति का तेज़ी से आकलन कर बेहतर निर्णय ले सकें (Gulf News)
बेल्जियम के राष्ट्रीय स्वास्थ्य एवं विकलांगता बीमा संस्थान (INAMI) के अनुसार, देश में 2021 से 2025 के बीच मानसिक या व्यवहार संबंधी विकारों, अवसाद अथवा बर्नआउट से जुड़ी दीर्घकालिक कार्य-अक्षमता 32% बढ़ी। दिसंबर 2025 तक एक वर्ष से अधिक चलने वाले मामलों में मानसिक स्वास्थ्य विकारों की हिस्सेदारी 38.3% थी, जिनमें 70% से अधिक लोग अवसाद या बर्नआउट से पीड़ित थे (Belga News Agency)
एक छोटे अध्ययन में पाया गया कि प्रतिदिन केवल आठ घंटे के भीतर भोजन करने से टाइप-2 मधुमेह के जोखिम वाले वयस्कों में रक्त शर्करा नियंत्रण उल्लेखनीय रूप से सुधर सकता है। प्रतिभागियों ने चाहे सुबह 8से शाम 4 बजे के बीच खाया हो या दोपहर 12 से रात 8 बजे के बीच, उनके ग्लूकोज़ स्तर सुधरे, सामान्य सीमा में रहने की अवधि बढ़ी और उतार-चढ़ाव घटे। शोधकर्ताओं ने ज़ोर दिया कि बड़े और लंबी अवधि के अध्ययन आवश्यक हैं (VegNews)
फ़ेडरल टीचिंग हॉस्पिटल [कात्सीना, नाइजीरिया] का बाल वार्ड डिप्थीरिया के संदिग्ध और पुष्ट मामलों में तेज़ वृद्धि से अत्यधिक दबाव में है। कात्सीना राज्य के विभिन्न हिस्सों से भेजे जा रहे मरीज़ों के कारण भारी भीड़ है, जबकि अस्पतालकर्मी गंभीर रूप से बीमार बच्चों के उपचार में जूझ रहे हैं। अधिकारियों ने स्वास्थ्य केंद्रों, सरकारी एजेंसियों और हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय का आह्वान किया है (Channels TV)
27–28 अगस्त को एक शक्तिशाली सुपरसेल तूफ़ान ने फ्रांस, इटली और स्विट्ज़रलैंड के कुछ हिस्सों में तबाही मचाई, इसके साथ 90 मील प्रति घंटे [145 किलोमीटर प्रति घंटे] तक की हवाएं, भारी बारिश और बड़े ओले आए। तूफ़ान से फ्रांस में पेड़ गिर गए और कारों व ट्रेनों की खिड़कियां टूट गईं, स्विट्ज़रलैंड में भी ओलों से नुकसान हुआ और उत्तरी इटली गंभीर मौसम से प्रभावित हुआ (The Sun)
28 अगस्त को क्रेमोना [उत्तरी इटली] में बवंडर और ओलावृष्टि से दर्जनों लोग घायल हुए। अग्निशमन विभाग के अनुसार, गिरजाघर समेत 10 चर्च क्षतिग्रस्त हुए, गिरजाघर का एक शिखर टूट गया, 10,000 कारें क्षतिग्रस्त हुईं और पेड़ गिर गए। बारह परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया (CNN)
नेपाल ने 26 अगस्त की अचानक आई बाढ़ और हिमनद टूटने के बाद बचाव अभियान फिर शुरू किया। अधिकारियों ने सुरंगों में फंसे लोगों को बचाने, परिवहन संपर्क बहाल करने, शवों की पहचान और DNA जांच के लिए विदेशी तकनीकी सहायता मांगी है। लगभग 3,000 लोग अब भी लापता हैं, जबकि नेपाल और तिब्बत में सैकड़ों लोगों की मृत्यु हो चुकी है। नेपाल का अनुमान है कि पुनर्निर्माण पर 4–5 अरब अमेरिकी डॉलर खर्च होंगे। भारत और चीन ने आपदा कार्रवाई में सहायता के लिए विशेषज्ञ और राहत सामग्री भेजी है (Reuters)
‘Science Advances’ में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार, मानव-जनित जलवायु परिवर्तन के कारण दुनियाभर में नौ वर्ष या उससे कम आयु के 56 करोड़ बच्चों, यानी 43%, को हर साल कम से कम एक अतिरिक्त महीने तक गर्मी का तनाव झेलना पड़ता है। भारत में 61% बच्चे, यानी 14.5 करोड़, इससे प्रभावित हैं (NDTV)
एक नए अध्ययन में पाया गया कि साइबेरिया [रूस] में गर्म मौसम वाले वृद्धि-काल के दौरान मीथेन उत्सर्जन 2010 से हर साल लगभग 5% बढ़ा है और अब 2010 के स्तर से दोगुने से भी अधिक है। पश्चिमी साइबेरिया में अधिक गर्म और नम मिट्टी मीथेन उत्सर्जन बढ़ा रही है, जबकि पूर्वी साइबेरिया में अधिकांश वृद्धि के लिए जंगल की आग ज़िम्मेदार है। शोधकर्ताओं ने चेताया है कि आर्कटिक का तापमान इसी तरह बढ़ता रहा, तो 2050 तक सालाना मीथेन उत्सर्जन में लगभग2.52 करोड़ मीट्रिक टन की वृद्धि हो सकती है (Earth.com)
2026 की शुरुआत से ब्रिटेन में लगभग 1,72,000 सौर प्रणालियां लगाई गई हैं, पिछले वर्ष इंग्लैंड, स्कॉटलैंड, वेल्स, उत्तरी आयरलैंड और इंग्लैंड के हर क्षेत्र में इनकी संख्या बढ़ी। केवल जुलाई में लगभग 28,000 प्रणालियां लगाई गईं, जिनमें 19,800 से अधिक छतों पर थीं, परिवार और व्यवसाय तेज़ी से अपनी बिजली स्वयं पैदा कर रहे हैं (Gov.uk)
भारत का पौध-प्रोटीन सामग्री बाज़ार पांच वर्षों में दोगुना होकर 94.3 करोड़ अमेरिकी डॉलर होने का अनुमान है, 18% वार्षिक वृद्धि के बीच उद्योग प्रमुख ऐसी सामग्रियों के लिए 90% की अत्यधिक आयात-निर्भरता घटाने हेतु घरेलू अवसंरचना की मांग कर रहे हैं (Money Control)
एक अमेरिकी सर्वेक्षण में “पौध-आधारित” शब्द की अलग-अलग उपभोक्ता व्याख्याएं सामने आईं, 56% ने इसे पूर्णतः वीगन माना, जबकि 35% के अनुसार इसका अर्थ “कुछ मांस, दुग्ध उत्पाद और अंडे खाते हुए भरपूर पौध आहार लेना” है। अध्ययन की सह-लेखिका और बर्नार्ड मेडिकल सेंटर की पंजीकृत आहार विशेषज्ञ शैनन मेनहार्ट ने कहा, “‘पौध-आधारित’ को सभी पशु उत्पादों से मुक्त परिभाषित करने पर उपभोक्ता यह जानकर खाद्य उत्पादों के बारे में अधिक विश्वास से निर्णय ले सकेंगे कि उनमें कोई पशु उत्पाद नहीं है।” (Physicians Committee for Responsible Medicine)
PETA [पीपल फ़ॉर द एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ़ एनिमल्स] इंडिया ने PETA संस्थापक इंग्रिड न्यूकिर्क (वीगन) की मां मैरी पैट्रिशिया वार्ड के सम्मान में दिल्ली [भारत] के सामुदायिक शिक्षण केंद्रों और एक अनौपचारिक बस्ती में 3,000 लोगों को वीगन राजमा-चावल [पारंपरिक भारतीय व्यंजन] परोसा। सुश्री वार्ड ने अपने जीवनकाल में भारत में बच्चों, कुष्ठ रोगियों और पशु-साथियों की मदद की, मदर टेरेसा के अनाथालय में स्वयंसेवा की और अपने दिल्ली स्थित घर में पशु-जनों को आश्रय दिया (PETA India)
सिंगापुर की 25 वर्षीय नूर सबरीना सुहैमी एक बढ़ते स्नायु संबंधी विकार और टखने में फ्रैक्चर के कारण व्हीलचेयर पर निर्भर होने के बाद देश की एकमात्र महिला राष्ट्रीय व्हीलचेयर रग्बी खिलाड़ी बनीं। उन्होंने थाईलैंड में आसियान [दक्षिण-पूर्व एशियाई राष्ट्रों का संगठन] पैरा खेलों में भाग लेकर सिंगापुर को दूसरा स्थान दिलाने में मदद की और व्हीलचेयर रग्बी के प्रति अधिक जागरूकता जगाना चाहती हैं (Channel News Asia)
पूर्व शिकारी अनिल मिस्त्री ने पश्चिम बंगाल के सुंदरबन [भारत] में एक घायल हिरनी-जन को उसके शावक के पास मरते देखकर अपना जीवन बदल दिया। उन्होंने अवैध शिकार त्याग दिया, ‘बाली नेचर एंड वाइल्डलाइफ़ कंज़र्वेशन सोसाइटी’ नामक संरक्षण संगठन बनाया, वैकल्पिक आजीविकाओं को बढ़ावा दिया और अवैध शिकार रोकने के लिए अधिकारियों के साथ काम किया। लगभग दो दशकों में उन्होंने करीब 70 बाघ-जनों को सुरक्षित रूप से मुक्त कराने में मदद की (Times of India)
यूटा [अमेरिका] के स्वयंसेवकों ने स्पोकेन [वॉशिंगटन राज्य, अमेरिका] में जानबूझकर लगाई गई आग से विस्थापित 50 से अधिक बिल्ली- और श्वान-जनों को बचाने के लिए लगभग 3,860 किलोमीटर की यात्रा की। सेंट जॉर्ज, यूटा की गैर-लाभकारी संस्था पॉज़ [प्रोवाइडिंग एनिमल्स विद सपोर्ट] इन पशु-मित्रों को यूटा ले गई, जहां उन्हें चिकित्सा और स्वास्थ्य-लाभ सहायता मिली, इससे स्पोकेन की अत्यधिक दबावग्रस्त पशु-जन बचाव व्यवस्था का बोझ भी घटा (The Cool Down)
आज का ज्ञानवर्धक उद्धरण: “शून्यता को जानने वाला यह मन स्वयं जाग्रत मन है।” – तिब्बती बौद्ध धर्म के पूजनीय संबुद्ध गुरु नरोपा (शाकाहारी) (Poetry Chaikhana)
एडम टैप के मृत्यु-समीप अनुभव पर दो भागों की इस शृंखला में कनाडाई पैरामेडिक एडम बताते हैं कि लकड़ी के एक प्रोजेक्ट पर काम करते समय बिजली का झटका लगने से उनकी मृत्यु हो गई, वह लगभग साढ़े 11मिनट तक मृत रहे, जिस दौरान उन्होंने चेतना का एक बिंदु बनने और ब्रह्मांड के ताने-बाने में विलीन होने का अनुभव किया, उन्हें दो बार डिफिब्रिलेशन देकर पुनर्जीवित किया गया। एडम कई वर्षों से पैरामेडिक थे और लकड़ी का काम उनके लिए भावनात्मक तनाव दूर करने वाला शौक था। 28 फ़रवरी, 2018 को वह लकड़ी के टुकड़े पर मूंगे जैसे नमूने उकेरने के लिए लिश्टेनबर्ग उपकरण का उपयोग कर रहे थे— यह माइक्रोवेव ओवन के ट्रांसफॉर्मर से बना घरेलू उच्च-वोल्टेज फ्रैक्टल-दहन उपकरण था।
मैं इलेक्ट्रोडों को एक-एक कर हटा रहा था कि अचानक बिजली की चिंगारी मेरे हाथ में जा लगी और वास्तविकता से मेरा संपर्क एक झटके में टूट गया। यह अनुभव लगभग असहनीय था। दर्द इतना प्रचंड था, मानो मेरे शरीर की हर कोशिका टुकड़ों में खींची जा रही हो, वह इतना असहनीय था कि मैं समझ ही नहीं पाया कि क्या हो रहा है। ऐसा लगा, मानो सब कुछ बंद हो गया हो। मुझे हर ओर खड़े बेलनाकार आकार दिखाई दे रहे थे— कुछ चमकीले हरे रंग के— जो अनंत तक ऊपर-नीचे फैले थे। मुझे याद है कि मैंने उस ऊर्जा के बीच किसी विचार पर ध्यान केंद्रित करने की कोशिश की, शायद वह था, “मुझे बिजली का झटका लग रहा है,” और फिर शायद मैंने सोचा, “मैं गिर रहा हूं।” मुझे लगा, मैं बहुत लंबे समय तक गिरता रहा।
फिर ऐसा लगा, मानो मैं किसी ऐसी जगह झपकी से जागा हूं, जहां मैं हमेशा से था। वह स्याही जैसा पूर्ण अंधकार था। वह कुछ-कुछ गहरे अंतरिक्ष जैसा था, जहां दूर रोशनियां थीं— मानो कुछ टिमटिमाते तारे— लेकिन कुल मिलाकर वह पूर्ण अंधकार था। ऐसा लगा, मानो मैं एक ही बिंदु से चारों ओर गोलाकार रूप में देख रहा हूं, जैसे मैं चेतना का मात्र एक बिंदु बन गया था, मैं एडम नहीं था, मृत नहीं था, कुछ भी नहीं था। मैं बस पूर्ण था, पूरी तरह संतुष्ट, और उसी स्थान में था। किसी भी चीज़ में निरंतरता का कोई बोध नहीं था। बस चेतना के रूप में अस्तित्व था।
फिर मुझे महसूस हुआ कि एक तरह की आवृत्ति लहर बनकर मुझ पर छाने लगी—वू, वू, वू जैसी। वह फ्रैक्टल नमूनों जैसी थी, मानो पानी पर पेट्रोल से बनने वाला इंद्रधनुषी प्रभाव। उसमें कुछ इंद्रधनुषी चमक थी और वह विचारों, अनुभूतियों तथा भावनाओं का एक विरोधाभासी मेल था। फिर मुझे लगा, मानो मुझे टुकड़ों में बांटकर हर चीज़ में समाहित किया जा रहा हो। मूलतः मैं ब्रह्मांड का ताना-बाना बन रहा था और वह बिल्कुल पूर्ण था। कोई भय नहीं था। कुछ भी नहीं था। यह वही स्वाभाविक यात्रा थी, जिस पर हम सभी को जाना है— मूल स्रोत, इस अनंत चेतना या अनंत जटिलता में लौटना।
फिर अचानक मुझे दोबारा बिजली का झटका लगने लगा। उस समय मैं नहीं समझ पाया कि क्या हो रहा है, लेकिन बाद में समझा कि मुझे डिफिब्रिलेशन दिया जा रहा था। मुझे दो बार डिफिब्रिलेशन दिया गया। मुझे [वेंट्रिकुलर] फिब्रिलेशन अरिदमिया था, जिसमें मूलतः हृदय ऐंठने लगता है। इसलिए मुझे डिफिब्रिलेशन दिया गया, इसमें 0.5 सेकंड लगते हैं, लेकिन बिजली का यह दूसरा झटका मुझे मानो कई मिनट तक महसूस हुआ— यदि मैं इसे इस तरह कह सकता हूं। फिर अचानक वह रुक गया, अब मुझे बोध था कि मैं एडम हूं, मैं मर चुका हूं, मुझे बिजली का झटका लगा था और अब मैं अस्तित्व के इस शून्य में हूं, ##जहाँ मैं बस एक अस्तित्व हूँ। इसके बाद दूसरी बार डिफिब्रिलेशन दिया गया। अनुभव आगे बढ़ने पर एडम को अपनी शारीरिक चोटों का बोध होने लगा।
मुझे याद है कि शायद मुझे बाहर खींचा जा रहा था, या ऐसा ही कुछ, फिर शायद किसी क्षण मुझे जले हुए मांस की गंध महसूस हुई, जो मेरे हाथों की रही होगी। मेरी एक उंगली जलकर अलग हो गई थी और इस पूरे हाथ पर तीसरी डिग्री के घाव थे। एडम लगभग आठ घंटे कोमा में रहे और आसपास के लोगों को आशंका थी कि उनका मस्तिष्क निष्क्रिय हो चुका है। होश आने पर यह जानकर वह स्तब्ध रह गए कि केवल लगभग आठ घंटे ही बीते थे।
मुझे याद है कि जब ICU [गहन चिकित्सा इकाई] में मेरी आंख खुली, तब मुझे इंट्यूबेट किया गया था और मेरे फेफड़ों में नली लगी थी। मेरे कंधे की हड्डी में इंट्राओसियस [सीधे हड्डी के भीतर] सुई लगाई गई थी। मेरा पहला विचार था, “कितना समय बीत चुका है?” मुझे याद है कि मैं किसी तरह कुछ लिख पाया था। मेरे दोनों हाथों पर पट्टियां बंधी थीं, उन्होंने कहा कि करीब आठ घंटे हुए थे और यह सुनकर मैं स्तब्ध रह गया। यदि कोई मुझसे कहता कि पांच वर्ष या एक दशक बीत चुका है, तो मैं इस पर पूरी तरह विश्वास कर लेता।
भाग 2 में एडम शुद्ध चेतना के रूप में स्वयं को अनुभव करने के बाद अपने भौतिक शरीर में लौटने के विचलित करने वाले अनुभव का वर्णन करते हैं। मुझे भीतर तक ऐसा लगा, मानो मुझे एक महान सुपरकंप्यूटर से घटाकर इस कमोडोर 2000 [पुराने कंप्यूटर], इस पिक्सेलयुक्त स्क्रीन में डाल दिया गया हो। और यह एहसास लंबे समय तक मेरे साथ रहा। एडम टैप के मृत्यु-समीपअनुभव प र दो भागों की इस शृंखला के भाग 2 के लिए कल हमारे साथ जुड़ें। (The Other Side NDE)